सबसे पहले तो आप सभी लोगो से माफी मांगना चाहूंगी ।
आप सब लोगों को कहानी के लिए थोड़ा इंतज़ार करवाया।
तो चलिए, जानते है अदिति की मौत का रहस्य।
जय अभी सड़क पर इस सोच में बैठा था कि अचानक उसके मन में ख्याल आता है कि क्यों ना कॉलेज के दोस्तो से पूछा जाए।
जय कॉलेज के दोस्तो को फोन करने के लिए मोबाइल अपनी जेब से निकलता है, लेकिन फोन कि बैटरी डाउन होती है।
जय पास के एक दुकान में जाता है।
और फोन को चार्ज करने के लिए मदद मांगता है।
और दुकानदार उसका फोन को चार्ज करने के लिए लगा देता है।
अभी जय का फोन चार्ज ही हो रहा होता है
इतने ही उसका ध्यान एक लड़की पर जाता है।
अरे, ये क्या...
ये तो अदिति की बेस्ट फ्रेंड शिवानी है।
और जय आवाज़ देता है
अरे शिवानी.......तुम...
शिवानी जय को पहचान जाती है।
और कहती है। अरे जय तुम......
कैसे हो??? जय...
जय की आंखे रोते रोते लाल हो चुकी है।
शिवानी का ध्यान जय के पास रखी डायरी पर जाता है।
वो थोड़ा हैरान हो जाती है।
शिवानी के कुछ पूछने से पहले ही जय रोते हुए उससे कहता है कि अदिति अब इस दुनिया में नहीं है मै जनता हूं शिवानी ,
लेकिन...... शिवानी आखिर अदिति की मौत कैसे हुई????
शिवानी सिसकती आवाज़ में कहती है कि
जय अदिति के साथ जो हुआ वो किसी के साथ नहीं होना चाहिए था।
ना तुम अदिति के साथ ऐसा करते ना उसके साथ ये सब होता .........
इतना कह कर शिवानी वहां से जाने लगती है...........
जय शिवानी को रोकता है... शिवानी प्लीज मझे बताओ क्या हुआ था अदिति के साथ.......
इतना कह कर जय शिवानी के पैरो में गिर जाता है हाथ जोड़ते हुए उससे पूछता है।
शिवानी अदिति की दी हुई कसम तोड़ना नहीं चाहती थी ।
पर जय को ऐसे हाथ जोड़े देख अपनी चुप्पी तोड़ कुछ यू कहती है
इस इश्क़ में कई दिल टूटे,
टूटे कई ख्वाब,
उसे हमे छोड़ दिया ,
दिए बिना कोई जवाब।।
इतना बोल शिवानी गुस्से में हो चुकी थी।
शिवानी चिल्ला कर बोली अब क्या जानना है जय,??
शिवानी ने बताया कि वो अदिति को हमेशा समझती थी कि जय को छोड़ दो वो तुम्हरे लायक नहीं है।
मैने उससे पूछा कि क्या है जय??
उस पर अदिति कहा करती थी कि
मेरे गीत के अल्फ़ाज़ है।
मेरे अधूरे-सा पर ख्वाब है।
जो बयां ना कर सकू वो राज है
सबके लिए आम होगा
पर मेरे लिए ख़ास है।
तो मैंने पूछा था कि फिर जय तुम्हे क्यों छोड़ गया??? और तुमने जाने क्यों दिया ?? बताओ अदिति...
इस पर अदिति ने कुछ यूं जवाब दिया कि
प्यार किया कोई खेल नहीं, उसे बांध लू
ये दिल है, कोई जेल नहीं
रिहा किया उसे, अब कोई जंजीर नहीं
तेरे दिए वक़्त के साथ, फिर ये दर्द क्यों मंजूर नहीं।
और हां जय तुम्हरा दोस्त अदिति को प्यार करता था
उसको तुम्हारे दोस्त सचिन ने, और तुमने मारा है।।
सचिन????
ये क्या बोल रही हो ?शिवानी
हां जय ये सच है
लॉक डाउन खत्म होने के बाद अदिति से मिलने सचिन उसके घर गया था उसने अदिति को कहा कि मै तुमसे प्यार करता हूं।
और अब तो जय भी नहीं है तुम मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ।
भूल जाओ जय को, और अब तो तुम दोनों साथ भी नहीं फिर मझे क्यों नहीं अपना रही तुम??
और अदिति ने कहा कि
क्या हुआ अगर हम साथ नहीं,
उसके बारे में ना सोचु ऐसी कोई रात नहीं,
भूल जाए वो मझे, पर कोई बात नहीं
नाराजगी है उससे, मगर कोई बेवफाई नहीं।
इतना कह कर अदिति ने सचिन को घर से बहार निकाल दिया।
और सचिन अदिति के इस जवाब से चिढ़ जाता है
और कुछ दिन बाद अदिति को पता चला कि उसका जय शादी कर रहा है।
तो अदिति तुमसे मिलने के लिए घर से निकल ही रही थी, की अचानक सचिन को देखती है
ओर इस बात को अदिति ने मझे बताया था।
लेकिन अगले दिन अख़बार में पढ़ती हूं
कि अदिति की मौत हो गई है
मरने से पहले अदिति सचिन से मिली थी
अब तुम अपने दोस्त से पूछो जय की अदिति के साथ उसने क्या किया।
अब जय, सचिन से मिलने के लिए जाता है।
दोस्तो इस कहानी के अगले भाग में हम लोग जानेंगे की मरने से पहले अदिति और सचिन के क्या बात हुई??
सच ही है
मोहब्बत मिले तो खुशनुमा मिजाज़ कर देती है
ना मिले तो शायराना अंदाज़ कर देती है।
कुछ तो बात है इस मोहब्बत में,
किसी को आबाद, तो किसी को बर्बाद कर देती है।
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