ज़िंदगी मिली है एक, तो बार-बार सोचूं क्यों? कभी किसी रिश्ते से,
तो कभी किसी अजनबी से डरना क्यों??
आज़ाद पंछी की तरह मै, फिरू ना क्यों?
आखिर लड़की का जीवन इतना कठिन है क्यों?
दुनिया की सोच इतनी छोटी है, क्यों?
और,मैं अगर बदलाव की बात करू,
तो उस बदलाव के लिए, मेरी उम्र कम है क्यों??
और अगर उम्र कम है,तो समाज में बालविवाह होते है क्यों???
आखिर लड़की का जीवन ऐसा होता है क्यों???
ज़िंदगी जीने का हक़ देता है, ये रब सबको,
फिर सिर्फ लड़कियों के हक़ को मारते हैं क्यों??
आखिर लड़की का जीवन इतना कठिन है क्यों???
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का फिर ये झूठा नारा क्यों?
पढ़ने वाले हाथो में किताब की जगह, मेंहदी और
शादी का जोड़ा देते हो क्यों??
आखिर लड़की का जीवन इतना बेबस है क्यों???
जब ज़िंदगी मिली एक, तो बार—बार सोचना क्यों?
दर्द भरी आवाज के पीछे, झूठी हसी से हंसना है क्यों??
जब काबिल बन कर खुद को संभाल सकती है,
फिर दुनिया की फिकर, या शादी की, ज़िद्दी है क्यों??
आखिर लड़की का जीवन इतना कठिन है क्यों?????
शादी के बाद खुद के बजाए, पति और बच्चों के लिए जीना है,
तो फिर, जीवन दूसरे के लिए कह कर,
खुद का जीवन जियो.. ऐसी प्रेरणा का झूठा ढोंग है क्यों??
सपनो को पूरे करवाने की बात करते है,
फिर सपनो के आड़े, खुद ही आते है,क्यों??
आखिर में एक लड़की एक बेटी से एक पत्नी और मां का सफर ही तो तय करती है,
उसकी ज़िंदगी केवल इतनी सी ही,क्यों??
एक लड़की, एक बहु बन कर सारा घर है संभाले,
फिर भी वो बेरोजगार क्यों?
ज़िंदगी का पूरा सफर सिर्फ दूसरे के लिए ही जीना है क्यों???
आखिर एक लडकी का जीवन इतना कठिन है क्यों??
जब ज़िंदगी एक मिली है, तो बार बार सोचना है क्यों??
मां बन कर बच्चों को संभाले, फिर सिर्फ पिता का नाम ही हर जगह आता है क्यों??
अच्छा करे तो पिता का नाम, फिर तानो में सिर्फ मां का नाम ही क्यों?
आखिर एक लडकी का जीवन इतना कठिन है क्यों??
जब ज़िंदगी एक मिली है, तो बार बार सोचना ही क्यों??
देवी या मां के रूप में पूजते है जिसको,
फिर बलात्कार के अपराध इतने होते है क्यों??
आखिर एक लडकी का जीवन इतना कठिन है क्यों??