जिंदगी को देख हैरान हूं मै
हां सच है, बहुत परेशान हू
चुप हूं अगर मै,
तो सबको लगता है नादान हूं मैं..
दुनिया की इस रीत से शायद अनजान हूं मै
खामोशी जरूरी है, मगर दर्द मुझे भी होता है
क्युकी आखिर में इंसान हूं मै..
कुछ गमों को सीए रहती हु दिल में,
दिल उदास है, फिर भी मुस्कुरा देती हु
और लोगो को लगता है, खुश हूं मै
लिख कर दर्द बयां करना,
अब जरूरी है जैसे
और सबको लगता है
इतना दर्द कैसे? लिख लेती हूं मै
ना शिकायत किसी से,
ना जरूरत किसी की,
पन्नो पर उतरते है, कुछ जस्बात मेरे,
जैसे लिखने के लिए बनी हूं मै
अंत में बस ये ही बताना है की कौन हूं मैं
ये मै ,कोई और नहीं,
हर एक के अंदर छुपा दर्द हूं, मै
कुछ लिख कर बता जाती हूं,
कुछ यूं बेवजह हक जता देती हूं
दिल टूटने पर भी,
जो जिंदा लाश है, वो इंसान हूं मै
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✌️🥰 good lyrics and your emotions is very conscious.
ReplyDelete👏👏👏keep it up....
ReplyDeleteSuperb ❤️👌👌
ReplyDeleteBrilliant 👌👌
ReplyDeleteNice awesome
ReplyDeleteReally Beautifully Played With Words, Appreciated For You Bright Beautiful Thoughts..
ReplyDeleteExcellent 👌👌👌
ReplyDeleteLoved it, keep it up 🤗✌️✌️
ReplyDeleteBahut khoob likha hai 🥺🥺🥺🥺
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