लाज़वाब हो तुम

मेरे अल्फ़ाज़ की शायरा हो तुम।
डूबते हुए TJ's का हौसला हो तुम।
मेरे इस मिजाज़ का अंदाज़ हो तुम।
वैसे तो चेहरे से ही नहीं, बल्कि दिल से भी खूबसूरत हो तुम।
यू तो हाज़िर जवाब हो तुम।
जो भी हो आखिर लाजवाब हो तुम।
यूं तो गुस्से में आग हो तुम,
पर मेरा चिराग हो तुम।
जो भी हो आखिर लाजवाब हो तुम।
ऐसे तो चेहरे से नवाब हो तुम।
या यूं कहिए कि मेरा ख्वाब हो तुम।
वैसे तानी का तारा हो तुम।
एक प्यारा सा एहसास हो तुम।
कैसे बयां करू तुम्हे, कि क्या हो तुम।
मेरे इस गीत के अल्फ़ाज़ हो तुम।
जो भी हो आखिर लाजवाब हो तुम।


9 comments:

गुमनाम दोस्त

कोई तुमसे पूछे कौन हूं मैं, तुम कह देना कोई खास नहीं    एक दोस्त है पक्का कच्चा सा, एक झूठ है आधा सच्चा सा जस्बात से ढका  एक परदा है एक बहान...